एग्राफिस नूटैन्स (AGRAPHIS NUTANS)

परिचय-        पूरे शरीर में आलस्यपन उत्पन्न होना तथा शरीर ढीला-ढीला रहना और ठण्डी हवा के लगने से सर्दी तथा जुकाम हो जाने के कारण उत्पन्न रोगों को ठीक करने के लिए एग्राफिस नूटैन्स औषधि का उपयोग लाभकारी है।          नाक बंद होना, गलतुण्डिका का अधिक बढ़ जाना, कंठशालूक रोग (गले की गिल्टी के कारण) (ऐडनोइस) …

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ऐग्नस कैस्टस AGNUS CASTUS

परिचय-        ऐग्नस कैस्टस औषधि का प्रभाव जननेन्द्रियों पर बहुत अधिक पड़ता है। यह औषधि उत्तेजना की शक्ति को घटाने के साथ मन में उदासी लाती है, लेकिन यदि स्नायु-ऊर्जा (नर्वस एंर्जी) नष्ट हो गई हो तो ऐसी अवस्था में इसका प्रयोग लाभदायक है। ऐग्नस कैस्टस औषधि का विशेष प्रभाव स्त्री तथा पुरुषों दोनों के …

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आगेव अमेरिकाना (AGAVE AMERICANA)

परिचय-        आगेव अमेरिकाना औषधि का प्रयोग आमाशय तथा सूजाक रोगों को ठीक करने के लिए तब किया जाता है जब उत्तेजना के समय में लिंग में दर्द अधिक हो रहा हो। कई प्रकार के और भी रोग जो आगेव अमेरिकाना औषधि से ठीक होते हैं वे इस प्रकार हैं-मुंह का पीला पड़ जाना, पेशाब …

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ऐगारिकस मस्केरियस (AGARICUS MUSCARIUS)

परिचय-      जिन वृद्ध (बूढ़े) व्यक्तियों के शरीर में खून संचारण की गति कम हो गई हो, शराब पीने या अधिक नशीले पदार्थो के सेवन करने से स्वास्थ्य बिगड़ गया हो तथा उसके बच्चों में भी कुछ ऐसे ही लक्षण हो तो इस प्रकार के लक्षणों में ऐगारिक्स मस्केरियस औषधि का प्रयोग लाभदायक है।         …

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एगारिकस Agaricus 

परिचय:        रोगी के शरीर की त्वचा पर लाली पड़ गई हो तथा पूरे शरीर पर खुजली के साथ जलन हो रही हो और ऐसा महसूस हो रहा हो कि बर्फ के ठण्डे पानी में पूरा शरीर चला गया है, इस प्रकार के लक्षण यदि किसी व्यक्ति में हो तो उसका उपचार करने के लिए …

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एस्पिडोस्पर्मा (Aspidosperma) क्यूब्रेको (Quebrecho)-एस्पि

परिचय-        एस्पिडोस्पर्मा औषधि का प्रभाव रोगों को ठीक करने में डिजिटैलिस औषधि के समान है। यह औषधि श्वास नलियों के केन्द्रों को उत्तेजित करके उसकी रुकावट को स्थाई रूप से दूर कर देती है जिसके कारण खून का आवासीकरण (ऑक्सीडेशन) रुक जाता है। इस प्रकार से ऑक्सीकरण में वृद्धि करती है तथा कार्बोनिक एसिड …

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ऐस्पैरेगस ऑफिसिनैलिस (Aspargus officinalis)

परिचय-        ऐस्पैरेगस ऑफिसिनैलिस औषधि की मूत्रस्राव पर तथा द्रुतगामी क्रिया पर प्रभाव पड़ता है। यह औषधि शरीर में कमजोरी लाती है तथा हृदय की गति को कम करके सूजन उत्पन्न करती है।        मेरुदण्ड के स्नायुमण्डल के माध्यम से ऐस्पैरेगस ऑफिसिनैलिस औषधि अपनी मूल क्रिया गुर्दे पर करती है और इस औषधि का सीधा …

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आर्टिमिसिया वल्गैरिस Artemisia Vulgaris

[ एक तरह के पौधे की ताजी जड़ या सोर से टिंचर तैयार होता है ] – साधारणतः मिर्गी के समान आक्षेप, बचपन में किसी बीमारी के साथ आक्षेप या चिहुकबाई ( convulsion ), युवती स्त्रियों की मिर्गी, डर से या अन्य किसी तरह की प्रबल उत्तेजना अथवा हस्तमैथुन आदि के द्वारा शुक्रक्षय होने से …

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आर्सेनिकम सल्फ्यूरेटम फ्लैवम ( Arsenicum Sulphuratum Flavum

धवल या श्वेत कुष्ट ( leucoderma ) और उपदंश रोग में शरीर के चमड़े से मछली के चोयटें जैसे दरोरे या चकत्ते निकलने पर कुछ दिनों तक इसका सेवन कराया जाय तो – इस दवा से लाभ होगा। घुटनों के जोड़ों में दर्द, प्रत्यंग आदि का पक्षाघात की तरह सुन्न पड़ जाना, श्वास-प्रश्वास में कष्ट, …

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आर्सेनिकम हाइड्रोजेनिसेटम  Arsenicum Hydrogenisatum

इस दवा में शरीर ठण्डा, हिमांग, उद्वेग, बेचैनी, सुस्ती, कमजोरी इत्यादि बहुत से आर्सेनिक के लक्षण पाये जाते हैं ; किन्तु सम्भवतः निम्नलिखित दो बीमारियों में इससे ज्यादा लाभ होता है। घाव – लिंगाग्र-चर्म ( prepuce ) और लिंगमुण्ड में पीब भरा, गोल उठा हुआ ( superficial ) घाव ; उपदंश रोग में लिंग पर …

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आर्सेनिकम ब्रोमैटम   Arsenicum Bromatum

Arsenicum Bromatum Mineral Kingdom की होम्योपैथिक दवाई है। Arsenicum Bromatum त्वचा सम्बन्धी रोगों के लिए इस्तेमाल की जाती है। यह चर्म रोग के समस्याओं को ठीक करने में काम आती है। जो चर्म रोग लम्बे समय तक चलते हैं ये दवाई उनमे भी काम आती है। यह दवाई खून को साफ करने में मदद करती …

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अमोनियम कार्बोनिकम (AMMONIUM CARBONCUM)

परिचय-        अमोनियम कार्बोनिकम औषधि का प्रयोग ऐसी स्त्री रोग की अवस्था में किया जाता है, जिसमें स्त्रियां तो स्वस्थ्य जरूर रहती है, लेकिन वे हमेशा थकी हुई और ठण्ड महसूस करती रहती है तथा जो हैजा रोग से पीड़ित हो जाती है, शारीरिक परिश्रम नहीं करती है, कार्य करने के प्रति आलसी स्वभाव की …

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आर्जेमोन मैक्सिकाना (Argemone mexicana)

परिचय-      तंत्रिकाओं तथा पेशियों की दर्दनाक अवस्थायें जिनके कारण से नीन्द नहीं आती है, आंतों में दर्द तथा ऐंठन और बेहोशी की अवस्था उत्पन्न हो जाती है, आमवाती रोग (जोड़ों का दर्द) जिनका सम्बन्ध गुर्दे की सूजन से जुड़ा रहता है। इस प्रकार के लक्षणों को ठीक करने के लिए आर्जेमोन मैक्सिकाना औषधि का …

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अरेनिया डायडेमा (Arania diadema)

परिचय-        मकड़ी के जहर को खत्म करने के लिए अरेनिया डायडेमा औषधि का उपयोग लाभदायक है और यह स्नायु-प्रणाली को प्रभावित करती है।           मलेरिया रोग को ठीक करने के लिए अरेनिया डायडेमा औषधि का प्रयोग करना चाहिए। रोगी भीगा हो या नम स्थान पर रहता हो और बीमार हो गया हो तो ऐसे रोगी …

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अरेका (Areca)

परिचय-        अरेका औषधि पेट के कीड़ें तथा अन्य कीड़ों को नष्ट करने के लिए प्रयोग की जाती है। अरेका औषधि का क्षार एरियोलिन हाइड्रोब्रोम औषधि की तरह ही नेत्र पटलों पर क्रिया करती है। इसकी क्रिया इसेरिना औषधि से कुछ कम होती है।           पेट का फूलना पर इस औषधि का प्रयोग बहुत अधिक लाभकारी …

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एथूजा सिनापियाम (AETHUSA CYNAPIUM)

परिचय-        एथूजा सिनापियाम औषधि कई प्रकार के रोगों जो बच्चे के दांत निकल रहे हों, उस समय यदि बच्चा अधिक रो रहा हो या चिल्ला रहा हो, निराशा तथा असंतोष हो तो बच्चे के इस रोग को ठीक करने के लिए एथूजा सिनापियाम औषधि का उपयोग करना चाहिए।        गर्मी के समय में बच्चों …

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आर्सेनिक आयोडाइड (ARSENIC IODIED)

परिचय-           गले के रोगों को ठीक करने के लिए आर्सेनिक आयोडाइड औषधि का उपयोग करना लाभदायक है। लसिका ग्रंथियों की बढ़ी हुई अवस्था तथा उसमें जलन को यह औषधि ठीक कर देता है।           सर्दी, हे-फीवर (दूषित ज्वर), आंख आना, नाक, गले और कानों में जलन होने पर इस औषधि का प्रयोग लाभदायक है। कान बन्द …

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आरेगैल्लस लैम्बर्टाइ (Aragallus lamberti)

परिचय-      आरेगैल्लस लैम्बर्टाइ औषधि का प्रभाव स्नायु प्रणाली की क्रिया पर होता है जिसके फलस्वरूप व्याकुलता और भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है।         लकवा रोग के लक्षण होना तथा इसके साथ ही रोगी असमंजस (किसी चीज का फैसला न कर पाना) में पड़ जाता है तो उसके इस प्रकार के लक्षण को ठीक …

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इस्क्यूलस हिपोकैस्टेनम (AESCULUS HIPPOCASTANUM)

परिचय-        इस्क्यूलस हिपोकैस्टेन औषधि का उपयोग बवासीर रोग को ठीक करने के लिए किया जाता है। रोगी यदि यह कहे कि उसे बवासीर हो गया है, लेकिन बवासीर से खून तो नहीं आ रहा है परन्तु मलद्वार खुश्क और गर्म महसूस हो रहा है। रोगी को कभी ऐसा लगता है कि मलद्वार में किसी …

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ऐग्ले-मार्मेलस एवं ऐग्ले-फोलिया (AEGLE-MARMELOS AND AEGLE-FOLIA)

परिचय-          ऐग्ले-मार्मेलस एवं ऐग्ले-फोलिया औषधि का उपयोग कई प्रकार के रोगों को ठीक करने के लिए किया जाता हैं। जो इस प्रकार हैं- पेचिश, बुखार के साथ जलोदर होना, नपुंसकता, खूनी बवासीर तथा दस्त। ऐग्ले-मार्मेलस एवं ऐग्ले-फोलिया औषधि निम्नलिखित लक्षणों के रोगियों के रोग को ठीक करने में उपयोगी है- मन से सम्बन्धित लक्षण …

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