A – Medicines

एरम ट्रिफाइलम ( Arum Triphyllum )

लक्षण तथा मुख्य-रोग की प्रकृति (1) लगातार होंठ और नाक को कुरेदने और नोचने की इच्छा (2) भयंकर, जहरीला, खुश्क या बहता हुआ जुकाम (3) गला बैठ जाना लक्षणों में कमी (i) कुछ विशेष नहीं लक्षणों में वृद्धि (i) भाषण, गायन में वृद्धि (ii) ठंडक से वृद्धि (iii) गर्म से ठंडक में आने से वृद्धि …

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आर्सेनिकम मेटालिकम [ Arsenicum Metallicum

आँख की कई बीमारियों और उपदंश, सिर दर्द आदि दो-एक पीड़ाओं में इसका समय-समय पर उपयोग होता है। निर्दिष्ट या बँधे हुए समय का अन्तर देकर ( periodicity ) प्रातः दो तीन सप्ताह के अन्तर से किसी भी बीमारी या बीमारी के लक्षणो का फिर से पैदा हो जाना – इस दवा का एक खास …

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ऐस्ट्रागैलस मोल्लिस्सीमस (Astrgalus mollssimus)

परिचय-        जिस प्रकार तम्बाकू, मारफीन तथा सुरासार का प्रभाव मनुश्यों पर पड़ता है, ठीक उसी प्रकार से ऐस्ट्रागैलस मोल्लिस्सीमस औषधि का प्रभाव पशुओं पर पड़ता है। शरीर में विषाक्ता (शरीर में जहर फैलना) फैलने की प्रारिम्भक अवस्था में मिथ्याभ्रम (हालल्युनेशन) अथवा पागलपन के साथ दृष्टिदोष हो जाता है जिसके कारण से रोगी पशु की …

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आस्टेरियस रुबेन्स (ASTERIAS RUBENS)

परिचय-        जो व्यक्ति मोटे थुलथुले और जिनकी प्रकृति साइकोटिक (प्रमेह-विष-दूषित) है, इस प्रकार के रोग को ठीक करने के लिए आस्टेरियस रुबेन्स औषधि का उपयोग करना चाहिए। स्नायु रोग, हिस्टीरिया, कोरिया रोग (ताण्डव रोग) को ठीक करने के लिए इस औषधि का उपयोग करना चाहिए।        आस्टेरियस रुबेन्स औषधि कई प्रकार के कैंसर रोग …

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अस्टेकैस फ्लूवियाटिलिस (Astacus fluviatilis)

परिचय-        अस्टेकैस फ्लूवियाटिलिस औषधि का प्रयोग चर्म रोग को ठीक करने के लिए किया जाता है। अस्टेकैस फ्लूवियाटिलिस औषधि निम्नलिखित लक्षणों के रोगियों के रोग को ठीक करने में उपयोगी हैं- चर्म रोग से सम्बन्धित लक्षण :- रोगी को पूरे शरीर पर ठण्डक महसूस होती है और खुजली होने लगती है, लसीका ग्रंथियां बढ़ …

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एजाडिरेक्टा इण्डिका (Azadirachta Indica)

एजाडिरेक्टा इण्डिका औषधि का हिन्दी नाम नीम है। इस औषधि का उपयोग साधारण फोड़ा, घाव तथा दूषित घाव इत्यादि में ही प्रयोग किया जाता है। नीम की छाल को सुखाकर खूब महीन कूटकर पीस लें और जब किसी रोगी को बुखार हो तो उसे तीन चार घंटे के अन्तराल पर इस औषधि की खुराक देना …

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एवेना सैटाइवा (Avena Sativa)

एवेना सैटाइवा औषधि मस्तिष्क तथा स्नायु प्रणाली पर विशेष क्रिया करती है। शरीर में किसी प्रकार से टी.बी (क्षय) रोग होने या कमजोरी लाने वाली बीमारी के बाद इसका सेवन करने से शरीर जल्दी पुष्ट और रोगी ताकतवर हो जाता है।         समस्त स्नायु और मस्तिष्क का ठीक प्रकार से काम न करने के कारण …

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औरम म्यूरिएटिकम नैट्रोनेटम (AURUM MURIATICUM NATRONATUM)

परिचय-        औरम म्यूरिएटिकम नैट्रोनेटम औषधि स्त्री जननेन्द्रियों पर सर्वाधिक प्रभावशाली क्रिया करती है, स्त्रियों के बच्चेदानी, डिम्बकोष आदि स्थानों में होने वाली अनेक प्रकार की बीमारियों में यह उपयोगी है।        औरम म्यूरिएटिकम नैट्रोनेटम औषधि का सेवन करने से तम्बाकू और अफीम खाने की आदत छूट सकती है। इसके लक्षण ठण्डी तथा नम हवा …

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औरम मेटालिकम AURUM METALLICUM

परिचय-        औरम मेटालिकम औषधि का प्रभाव शरीर के खून, हडि्डयों तथा ग्रंथियों की दोषपूर्ण क्रिया पर पड़ता है जिसके प्रभाव से कई प्रकार के रोग जो खून, हडि्डयों तथा ग्रंथियों से सम्बन्धित होते हैं, वे ठीक हो जाते हैं।           उपदंश रोग से पीड़ित रोगी में पाए जाने वाले मानसिक लक्षणों को दूर करने के …

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अटिस्टा रैडिक्स (Atista radix)

परिचय-        अटिस्टा रैडिक्स औषधि के प्रयोग से कई प्रकार के रोग ठीक हो जाते हैं जो इस प्रकार हैं- पेट में कीड़े होना तथा पेचिश रोग।        अटिस्टा रैडिक्स औषधि की शक्ति अटिस्टा-इण्डिका औषधि की तुलना में अधिक शक्तिशाली होता है और इसका उपयोग अमीबी तथा दण्डाणुक पेचिश की दोनों अवस्थाओं में किया जाता …

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अटिस्टा इण्डिका ATISTA INDICA

परिचय-        अटिस्टा इण्डिका औषधि उन रोगों को ठीक करने के लिए उपयोग में लिया जाता है जो गर्मी के कारण उत्पन्न होता है जैसे- अतिसार (दस्त) तथा पेट में गैस बनना। अटिस्टा इण्डिका औषधि निम्नलिखित लक्षणों के रोगियों के रोग को ठीक करने में उपयोगी हैं- मन से सम्बन्धित लक्षण :- रोगी की स्मरण …

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एथियोप्स मर्क्यूरियेलिस-मिनरैलिस (Aethiops mercurialis-mineralis)

परिचय-        एथियोप्स मर्क्यूरियेलिस औषधि गण्डमाला संबन्धी रोग, आंख में दर्द होना, खाज तथा खुजली जिसमें अधिक जलन तथा दर्द होता है, पपड़ीदार जलन, शरीर में जहरीले तत्व की उत्पति होना आदि रोगों को ठीक करने में उपयोगी है। एथियोप्स मर्क्यूरियेलिस औषधि निम्नलिखित लक्षणों के रोगियों के रोग को ठीक करने में उपयोगी हैं- चर्म …

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ऐंथेमिस नोबिलिस (ANTHEMIS NOBILIS)

परिचय-         ऐंथेमिस नोबिलिस औषधि की प्रकृति सामान्य कोमल (मुलायम) जैसी है। यह औषधि पाचन दोष को ठीक करने वाली है। ऐंथेमिस नोबिलिस औषधि ठण्डी हवा तथा ठण्डी चीजों के प्रति संवेदनशील होती है। विभिन्न लक्षणों में ऐंथेमिस नोबिलिस औषधि का उपयोग- श्वास संस्थान से सम्बन्धित लक्षण :- रोगी को जुकाम हो जाता है तथा …

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ऐनीलीनम (Anilinium)

परिचय-        रोगी के सिर में अधिक चक्कर आना और सिर में दर्द होने पर ऐनीलीनम औषधि बहुत उपयोगी है। विभिन्न लक्षणों में ऐनीलीनम औषधि का उपयोग- चेहरे से सम्बन्धित लक्षण :- रोगी के चेहरे का रंग नीला पड़ जाता है। इस प्रकार के लक्षण से पीड़ित रोगी को ठीक करने के लिए ऐनीलीनम औषधि …

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ऐन्हालोनियम (ANHALONIUM)

परिचय-        ऐन्हालोनियम औषधि मस्कल पदार्थ से बनाई जाती है, मस्कल एक तेज नशीली स्प्रिट है जिसे पल्के फर्टे से खींचा जाता है। पल्के मैक्सिको के आगेव अमेरिकाना (अगेव अमेजीकाना ओर मेक्सिको) में तैयार किया जाता है जिसे वहां मेग्वे (मेग्वे) के नाम से जाना जाता है और मैक्सिको का राष्ट्रीय पेय पदार्थ है। भारतीय …

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ऐंगुस्टुरा वेरा (Angustura vera)

परिचय-            जोड़ों का दर्द जिसके कारण रोगी को चलने-फिरने में बहुत अधिक परेशानी महसूस होती है तथा लकवा का प्रभाव अधिक होता है, रोगी को कॉफी पीने की अधिक इच्छा होती है। इस प्रकार के लक्षणों से पीड़ित रोगी के लक्षणों को ठीक करने के लिए ऐँगुस्टुरा वेरा औषधि का प्रयोग करना चाहिए।        श्लेष्मकलाओं …

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एनोमेप्सिस कैलीफोर्निका (ANEMOPSIS CALIFORNIC)

परिचय-        एनोमेप्सिस कैलीफोर्निका औषधि श्लेष्म कलाओं (म्युकोस मेम्ब्रेंस) की एक प्रमुख लाभदायक औषधि है। विभिन्न लक्षणों में एनोमेप्सिस कैलीफोर्निका औषधि का उपयोग- नाक से सम्बन्धित लक्षण :- नाक की श्लेष्म कला के पुराने जलन (प्रदाह) के साथ नाक की झिल्ली का ढीलापन तथा अधिक स्राव (नाक से पानी की तरह पदार्थ निकलना) होना तथा …

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एगड्रोग्राफिस पैनीकुलैटा (ANDROGRAPHIS PANICULATA)

परिचय-        एगड्रोग्राफिस पैनीकुलैटा औषधि का प्रयोग कई प्रकार के रोगों की अवस्थाओं तथा रोगों को ठीक करने के लिए किया जाता है जो इस प्रकार हैं-लम्बी ज्वर की अवस्था, जुकाम-खांसी की प्रारिम्भक अवस्था, शरीर के कई अंगों में अधिक कमजोरी आना, बच्चों का यकृत रोग तथा पीलिया (जोंडिस) रोग। विभिन्न लक्षणों में एगड्रोग्राफिस पैनीकुलैटा …

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एण्डरसोनिया – अमूरा रोहितका (ANDERSONIA- AMOORA ROHITAKA)

परिचय-        एण्डरसोनिया औषधि का प्रयोग कई प्रकार के रोगों को ठीक करने के काम आता है जो इस प्रकार हैं-यकृत तथा प्लीहा से संबन्धित रोग, जीर्ण ज्वर, ग्रंथियों से संबन्धित रोग, प्रदर रोग तथा शरीर के सभी अंगों में कमजोरी आना। विभिन्न लक्षणों में एण्डरसोनिया औषधि का उपयोग- मन से सम्बन्धित लक्षण :- यदि …

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ऐनोथेरम (ANATHERUM)

परिचय-           चर्म रोगों से सम्बन्धित लक्षणों को ठीक करने के लिए ऐनोथेरम औषधि बहुत ही उपयोगी है। शरीर के विभिन्न भागों में दर्द होने वाले सूजन, जिसमें पीब पड़ जाती है। ग्रन्थियों में जलन होने पर इस औषधि का उपयोग लाभकारी है। विभिन्न लक्षणों में ऐनोथेरम औषधि का उपयोग- सिर से सम्बन्धित लक्षण :- रोगी …

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